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सिद्ध करो राम थे............. या स्वीकार करो कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है

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 सिद्ध करो राम थे............. या स्वीकार करो कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है... (1). एक समय पर दो तरह के इंसान कैसे हो सकते हैं?एक पूंछ वाला और एक बिना पूंछ वाला...दोनों मनुष्य की तरह बोलते हैं दोनों के पिता राजा हैं क्या ऐसा संभव है??(2). मेंढक से मंदोदरी कैसे बन सकती हैं/ पैदा हो सकती है?? (3). लंगोटी का दाग छुड़ाने से अंगद कैसे पैदा हो सकता है?? पक्षी मनुष्य की तरह कैसे काम कर सकता है जैसे गिद्धराज?? (4). किसी मनुष्य के 10 सिर हो ही नहीं सकते इतिहास या पुरातत्व द्वारा आज तक ये सिद्ध नहीं हो पाया कि किसी इंसान के 10 सिर 20 भुजाओं वाला कोई मनुष्य नहीं है.......(5). जिस लंका की आप बात कर रहे हो,उसका नाम भी 1972 में लंका पड़ा। इसके पहले सिलोन व सीलोन से पहले सिहाली इत्यादि नाम थे तो असली लंका कहा है???(6). घड़े से लड़की कैसे पैदा हो सकती है? एक माह में मकरध्वज कैसे पैदा हुए? मछली से कोई मनुष्य कैसे पैदा हो सकता है?? एक माह में मकरध्वज पातालपुरी में नौकरी करने लगे क्या ये संभव है?? अगर संभव है तो साबित करो...(7). 5000 साल पुरानी द्रविड़ भाषा को कोई पढ़ नहीं सकतातो 70000 साल पहले अंगद ...

राजा पीपा गुरु रविदास जी की ख्याति सुनकर उनके दर्शनों के लिए पहुचे

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 एक बार राजा पीपा गुरु रविदास जी की ख्याति सुनकर उनके दर्शनों के लिए पहुचे ओर उनसे प्रसाद मांगने लगे तो गुरु रविदास जी ने अपनी चमड़ा भिगोने वाली कुंडी से पानी प्रसाद के रूप में दिया परन्तु राजा ये देखकर घिन करने लगा और उसे लगा कि यदि मैंने यह चमड़े का गंदा पानी पिया तो मेरा तो धर्म भ्रष्ट हो जाएगा । तो राजा पीपा ने वो पानी धीरे से पीछे गिरा दिया, परंतु कुछ बूंदे उसके कुर्ते पर ही रह गयी थी, और महल पहुचते ही राजा ने वो कुर्ता धोबी के यहां पहुचा दिया । जैसे ही धोबी की लड़की ने कपड़े का दाग निकालने के लिए कोशिश की। तो कपड़े का दाग नही निकल पा रहा था, तो लड़की ने कपड़े को मुह में लिया और  मुंह से कपड़े का दाग निकालने लगी तो वो कुछ बूंद उसके मुंह मे जाने से उसे तीनो लोको का ज्ञान हो गया ।  तो उसकी प्रसिद्धि सुनकर राजा पीपा उसके पास आये और उससे पूछा कि तुम्हे इतना ज्ञान कहा से मिला है। तो उस लड़की ने कहा कि यह ज्ञान तो राजा जी मुझे आप ही की वजह से मिला है। राजा सोचने लगे और कहा कि मेरी वजह से कैसे तो लड़की ने कहा यदि आप वो गुरु रविदास जी का प्रसाद आपके कपड़े में गिराकर मेरे पास नही...

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना ओर दिलजीत दोसांझ के बीच हुई तीखी नोक झोंक

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 बॉलीवुड की अभिनेत्री कंगना रनौत और पंजाबी सिंगर बॉलीवुड अभिनेता दिलजीत दोसांझ में हुई ट्विटर में तीखी नोक झोंक Add caption बात दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन से जुड़ी एक बुजुर्ग दादी महिंदर कौर से जुड़ी है जिसे कंगना रनौत ने 100 रुपए लेकर आंदोलन में हिस्सा लेने की बात कही इसी बात से किसान ओर की देश के लोगों का दिल आहत हुआ जिसे देखते हुए दिलजीत दोसांझ ने कंगना को कहा  महिंदर कौर जी का सम्मान करें ओर कहा ये देखो महिंदर कौर जी का वीडियो https://twitter.com/diljitdosanjh/status/1334148620799492096?s=19 उसके बाद कंगना आग़ बबूला हो गई ओर उसने कहा Ooo Karan johar ke paltu, jo dadi Saheen Baag mein apni citizenship keliye protest kar rahi thi wohi Bilkis Bano dadi ji Farmers ke MSP ke liye bhi protest karti hue dikhi. Mahinder Kaur ji ko toh main janti bhi nahin. Kya drama chalaya hai tum logon ne? Stop this right now. उसके बाद दिलजीत दोसांझ भी नहीं रुके उन्हों ने भी लिखा Tuneh Jitne Logon Ke Saath Film Ki Tu Un Sab Ki Paaltu Hai...?  Fer To List Lambi Ho Jaegi Maalko Ki..?...

पहले_मुर्गी_या_अंडा ?

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 # पहले_मुर्गी_या_अंडा ? Firstchickenoregg यह वाक्य सुनते ही मन में हास्य और कभी ख़त्म न होने वाला रहस्य आँखों के सामने तैर जाता है। क्या ये सम्भव है की असम्भव मान्यता वाली इस पहेली को सुलझाया जा सकता है? बिलकुल! आज हम इसे विज्ञान की मदद से सुलझाएँगे और समझने की कोशिश करेंगे: मुर्ग़ी कहाँ से आती है ? अंडे से और अंडा कहाँ से आता है ? मुर्ग़ी से यह पढ़ने से यह पुनः रहस्यमयी लगने लगता है चलिए इसे सुलझाने के लिए हम जैविक विकास को समझते हैं पहले जीवन की शुरूवात एक कोशिकीय जीव से हुयी है (सजीव निर्जीव के बीच की कड़ी वायरस को छोड़ देते हैं अभी) जिस से कालांतर में बहकोशिकीय जटिल जीवों उत्पत्ति हुयी जिनसे विविधताएँ आ गयीं। एक जीव की मूल रचना उसके DNA पर निर्भर करती है इसमें परिवर्तन से ही दूसरे जीव की उत्पत्ति सम्भव है अन्यथा नहीं इस DNA में अचानक से होने वाले परिवर्तन को उत्परिवर्तन कहा जाता है जिसकी थ्योरी दी थी वैज्ञानिक ह्यूगो डे व्रीज ने। सबसे जटिल जीव जो स्तनधारी वर्ग से आते हैं बच्चे पैदा करते हैं उस से निम्न श्रेणी के जीव जैसे मुर्ग़ी अंडे देते हैं इनसे भी छोटे निम्न श्रेणी के सरल ...

पेरियार ने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया.

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 🔥 ब्राह्मणवाद विरोधी पेरियार के भगवान और धर्म के ठेकेदारों से पूछे गए प्रश्न जो कि यह साबित करते हैं, कि धर्म और मजहब इंसानों ने बनाए हैं। 🔥 पेरियार ने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया. Periyar उन्होंने जाति प्रथा का घोर विरोध किया. 🌺1. मैंने सब कुछ किया. मैंने गणेश आदि सभी ब्राह्मण देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़ डालीं. राम आदि की तस्वीरें भी जला दीं. मेरे इन कामों के बाद भी मेरी सभाओं में मेरे भाषण सुनने के लिए यदि हजारों की गिनती में लोग इकट्ठा होते हैं तो साफ है कि 'स्वाभिमान तथा बुद्धि का अनुभव होना जनता में, जागृति का सन्देश है.' 🌺2. दुनिया के सभी संगठित धर्मो से मुझे सख्त नफरत है. 🌺3. शास्त्र, पुराण और उनमें दर्ज देवी-देवताओं में मेरी कोई आस्था नहीं है, क्योंकि वो सारे के सारे दोषी हैं. मैं जनता से उन्हें जलाने तथा नष्ट करने की अपील करता हूं. 🌺4. 'द्रविड़ कड़गम आंदोलन' का क्या मतलब है? इसका केवल एक ही निशाना है कि, इस आर्य ब्राह्मणवादी और वर्ण व्यवस्था का अंत कर देना, जिसके कारण समाज ऊंच और नीच जातियों में बांटा गया है. द्रविड़ कड...

द्रौपदी कोई साधारण महिला नही थी

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 भारत भूमि पर लाखों सीता मोहिनी लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा सावित्री सुभद्रा हुई. लोगों ने खुशी से अपनी बेटियों का नाम राधा उर्मिला उर्वशी मेनका रंभा रखा. मध्यकाल में अहिल्या नाम तक रखे गए ! Drohpti लेकिन भारत के मानव इतिहास में द्रौपदी ने केवल एक बार जन्म लिया. दुबारा द्रौपदी किसी के घर में पैदा नही हुई. कारण किसी ने अपनी बेटी का नाम द्रौपदी रखा ही नही ! बुजुर्ग ऋषि मुनियों के इर्द गिर्द नाचती झूमती ठुमके लगाती, उनसे संभोग क्रिया करने वाली उर्वशी मेनका रंभा नाम आपको को हर शहर नगर में मिल जाएंगी. लेकिन किसी लड़की का नाम द्रौपदी मिलना असंभव है ! पुरुषों ने द्रौपदी का नाम मिटा दिया, लेकिन उस अकेली द्रौपदी के सवाल और उसकी दुखद हंसी को नही मिटा सके. महान दार्शनिक रजनीश के अनुसार द्रौपदी अपने युग की सबसे सुंदरतम महिला थी ! सही तो कह रहे हैं, द्रौपदी कोई साधारण महिला नही थी. क्या भला किसी असाधारण महिला के लिए कोई आपस में कट मर सकता है. द्रौपदी के मुकाबले पूरे विश्व के इतिहास में दूसरी कोई नही ! तभी पांचों भाई आपस में लड़ मर सकते थे. बीआर चोपड़ा की महाभारत अनुसार अर्जुन ने बाहर से आकर कहा की माँ ...

अब तो DNA के आधार पर एक किताव भी लिखी गई जिसका शीर्षक है_ विदेशी ब्राह्मणों की मातृभूमि यूरेशिया,

आर्य भारत में ईसा पूर्व 2000 यानि आज से 4000 साल पहले लूटने की मंशा से यूरेशिया से आये थे,16 देशों के 117 वैज्ञानिको ने DNA के आधार पर सिद्ध किया कि भारत में रहने वाले ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य ही आर्य है जिनका DNA यूरेशिया के यामनियां प्रजाति के लोगो से 100% मिलान होता है, आर्य स्वभाव से हिंसक होता है ईमानदारी से इनका सम्बन्ध नही होता है और आर्य चरित्रहीन होते है ये सब जानकारी मिली है, 21 मई 2001 में टाइम्स आफ इण्डिया में यह खबर भी छपी थी अब तो DNA के आधार पर एक किताव भी लिखी गई जिसका शीर्षक है_ विदेशी ब्राह्मणों की मातृभूमि यूरेशिया, RSS की सरकार भारत में ब्राह्मणों को कानूनी नागरिकता देने की कोशिश कर रही है लेकिन ऐसा न्ही होने देगें मीडिया भी ब्राह्मणों की है इसलिए इसका प्रसार प्रचार नही हुआ, 3.5% ब्राह्मणों ने देश पर नाजायज कब्जा किया है और देश को अपना गुलाम बना लिया है महात्मा बुध्द शाक्य वंश यानि OBC के थे मूलनिवासी थे, और उस समय SC,ST,OBC के ही राजा थे जिनको क्षत्रिय कहते थे, असली क्षत्रिय आज के SC,ST,OBC ही थे ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य को सिर्फ आर्य के ही नाम से जानते थे, ओर धीरे ध...