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Showing posts from November, 2020

पेरियार ने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया.

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 🔥 ब्राह्मणवाद विरोधी पेरियार के भगवान और धर्म के ठेकेदारों से पूछे गए प्रश्न जो कि यह साबित करते हैं, कि धर्म और मजहब इंसानों ने बनाए हैं। 🔥 पेरियार ने तर्कवाद, आत्म सम्मान और महिला अधिकार जैसे मुद्दों पर जोर दिया. Periyar उन्होंने जाति प्रथा का घोर विरोध किया. 🌺1. मैंने सब कुछ किया. मैंने गणेश आदि सभी ब्राह्मण देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़ डालीं. राम आदि की तस्वीरें भी जला दीं. मेरे इन कामों के बाद भी मेरी सभाओं में मेरे भाषण सुनने के लिए यदि हजारों की गिनती में लोग इकट्ठा होते हैं तो साफ है कि 'स्वाभिमान तथा बुद्धि का अनुभव होना जनता में, जागृति का सन्देश है.' 🌺2. दुनिया के सभी संगठित धर्मो से मुझे सख्त नफरत है. 🌺3. शास्त्र, पुराण और उनमें दर्ज देवी-देवताओं में मेरी कोई आस्था नहीं है, क्योंकि वो सारे के सारे दोषी हैं. मैं जनता से उन्हें जलाने तथा नष्ट करने की अपील करता हूं. 🌺4. 'द्रविड़ कड़गम आंदोलन' का क्या मतलब है? इसका केवल एक ही निशाना है कि, इस आर्य ब्राह्मणवादी और वर्ण व्यवस्था का अंत कर देना, जिसके कारण समाज ऊंच और नीच जातियों में बांटा गया है. द्रविड़ कड...

द्रौपदी कोई साधारण महिला नही थी

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 भारत भूमि पर लाखों सीता मोहिनी लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा सावित्री सुभद्रा हुई. लोगों ने खुशी से अपनी बेटियों का नाम राधा उर्मिला उर्वशी मेनका रंभा रखा. मध्यकाल में अहिल्या नाम तक रखे गए ! Drohpti लेकिन भारत के मानव इतिहास में द्रौपदी ने केवल एक बार जन्म लिया. दुबारा द्रौपदी किसी के घर में पैदा नही हुई. कारण किसी ने अपनी बेटी का नाम द्रौपदी रखा ही नही ! बुजुर्ग ऋषि मुनियों के इर्द गिर्द नाचती झूमती ठुमके लगाती, उनसे संभोग क्रिया करने वाली उर्वशी मेनका रंभा नाम आपको को हर शहर नगर में मिल जाएंगी. लेकिन किसी लड़की का नाम द्रौपदी मिलना असंभव है ! पुरुषों ने द्रौपदी का नाम मिटा दिया, लेकिन उस अकेली द्रौपदी के सवाल और उसकी दुखद हंसी को नही मिटा सके. महान दार्शनिक रजनीश के अनुसार द्रौपदी अपने युग की सबसे सुंदरतम महिला थी ! सही तो कह रहे हैं, द्रौपदी कोई साधारण महिला नही थी. क्या भला किसी असाधारण महिला के लिए कोई आपस में कट मर सकता है. द्रौपदी के मुकाबले पूरे विश्व के इतिहास में दूसरी कोई नही ! तभी पांचों भाई आपस में लड़ मर सकते थे. बीआर चोपड़ा की महाभारत अनुसार अर्जुन ने बाहर से आकर कहा की माँ ...